भागलपुर जिले के नवगछिया से सटे गोपालपुर प्रखंड का एक छोटा सा गाँव है धरहरा. जो पटना से पूर्व में 230 किलोमीटर की दूरी पर है.जब निर्मला देवी ने 1961 में एक बेटी को जन्म दिया तो उनके पति ने 50 आम का पेड़ लगाकर जन्मोत्सव मनाया.उनकी दूसरी पुत्री के जन्म के बाद तथा बाद [...]
भोजपुरी सिनेमा के इतिहास में पहली बार आपको पंकज उधास की आवाज़ सुनाई देगी. जी हां! पंकज उधास ने पहली बार किसी भोजपुरी फिल्म के लिए गाना गाया है. फिल्म का नाम है ‘मंगलफेरा’. इस फिल्म का निर्माण गायत्री राठौड़ तथा दशरथ राठौड़ ने किया है जबकि निर्देशक हैं श्रीधर शेट्टी. फिल्म ‘मंगलफेरा’ के गानों [...]
बिहार के सारण जिले के छपरा नारायण नगर के नेयाजी टोला में एक घर है. इस घर में 10,000 पुस्तकें हैं. यह सब सुनने में सामान्य लग सकता है लेकिन खास यह कि इनमें 8,000 पुस्तकें और पत्र-पत्रिकाएं भोजपुरी की हैं. इन पुस्तकों में भोजपुरी के प्रसिद्ध रचनाकार भिखारी ठाकुर और पूर्वी के बादशाह महेंद्र [...]
दादुरा के बोलिया पपिहरा के बैनवा तोहंका बोलावे दिन रात हो || लुक -छिप ,लुक -छिप चंदवा निहारे ला से ढल -ढल ढलके ले रात हो | अमंवा के पतवा ,बबुलवा के ठुन्ठवा महुआ के छूटे नाहीं साथ हो ||१|| दादुरा के बोलिया ———— खेतवा के मेडिया ,इनरवा के दंतिया रतिया के सिसके ले रात [...]
शायद किसी ने बड़े ही अनुभव और गहराई से मनन के बाद ये बात लिखी कि आह से निकला होगा गान। यह बात भागवत पांडेय पर सच साबित हुई। घर के बैल ने पटका। उसी वेदना के दौरान उन्हें ज्ञान हुआ और उन्होंने भोजपुरी में गीता का अनुवाद कर डाला। अपनी कविताओं में उन्होंने आधा [...]
Posted on 05 April 2011
Posted on 20 April 2011
Posted on 29 December 2011
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Posted on 28 December 2011
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Posted on 27 December 2011
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